प्यार
प्यार
तुमसे मिलने की चाहत हुई है सनम
दिल की कैसी ये हालत हुई है सनम
चाहने हम लगे हैं तुझे इस कदर
देखो क्या क्या कयामत हुई है सनम
तेरे दीदार को तरस रही है अखियाँ
दिल की कैसी ये आफ़त हुई है सनम
बेखबर तो नही तू मेरे प्यार से
बस इतनी ही राहत हुई है सनम
मिल जाओगे जो तुम किसी मोड़ पे
धड़कनों की जो उल्फ़त हुई है सनम
देखकर हम तुझे मुस्कुराने लगे
दिन पुराने हमें याद आने लगे है सनम
जो तुमने पुकारा तो नम ये आँखे हुई
दिल को फिर तेरी आदत हुई है सनम।

