प्यार से रहना सीखे
प्यार से रहना सीखे
पहले तुम ये मेरी बातें सुनो
बाद में दूसरी कोई राह चुनो,
बीती रात कमल दल फूले
वहाँ बाग में मैंने लगाए झूले,
अपनी सब गंदी हरकत छोडो
साथ में अपने दोस्तों से तुम बोलो,
रोते हो तुम क्यों ? याद करो बातें पुरानी
हो जाओ चुप और सुनो तुम ये कहानी,
बीती रात कमल दल फूले
उनको भी थे कई गिले-शिक़वे ,
भिगो दिये शीकवे उन्होंने पानी में
खिल गए वो मस्त ये कहानी में,
कहानी में बात है जैसी तुम वैसे ही करना
अपने गिले-शिक़वे भूलकर बस यू प्यार से रहना.....
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