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Sanket Vyas Sk

Drama

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Sanket Vyas Sk

Drama

प्यार बाँटते चलो ...

प्यार बाँटते चलो ...

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प्यार बाँटते चलो

प्यार बाँटते चलो

कभी Theatre में कभी घर में 

बात बहोत प्यार से चलीं 

हमने भी सुनी

फिर क्या

कर दी केसैट दिल मे उसकी चालु

मन में भी कर दी चालू। 


सुनते सुनते हुआ प्यार से प्यार 

प्यार पाने के लिए करना पड़ता हैं प्यार 

प्यार खोएं बिना मिलता भी नहीं प्यार 

समझ लो ये भी है एक व्यापार 


प्यार करके याद आया इशारे को कि

जब हम भूखे-प्यासे थे 

गए हर एक दर पे जहाँ हमने किया था प्यार 

मगर वो तो Busy थे प्यार में अपने

( व्यापार में अपने)


फिर याद आया

जो जिंदगी हम जी रहे हैं वो भी है एक व्यापार, 

प्यार से भूख मिटी नहीं या जमाने ने मिटने नहीं दीं, 

फिर क्या


फिर हमने भी किया व्यापार 

जेब से निकाले 100 रुपये क्या 

हमको भी मिल गया प्यार 

हमने जिसकी केसैट दिल मे बसाई थी 

वो तो था व्यापार

वो तो था व्यापार।


बस इसी बात से दिल मे समझ आ गई की 

इस दुनिया में प्यार से भी बड़ा है व्यापार।


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