मौका
मौका
1 min
180
अपनों का एक थान चुना था
हलवा पूरी बना दिया
और साथ में थोड़ा चावल लिया
आज हमने छत पर खड़े रह के
आसमान से फरीश्तों को बुला दिया
और इस सबको इकट्ठा करके
उनको अर्पण कर दिया
यह वो घड़ी है हमारी
हमारे सब वडील को बुला दिया
और उनके आशीष पाने
श्राद्ध के मौके पे
उनका पेट तृप्त किया
