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Nand Kumar

Inspirational

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Nand Kumar

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पुस्तकालय

पुस्तकालय

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ज्ञान से बढ़कर कोई पूंजी नही है मनुज की।

ज्ञान धन से पूर्ण होवे चाह हर एक जीव की ।।


ज्ञान धन है ज्ञान जीवन ज्ञान बिनु जग में अंधेरा।

ज्ञान की किरणो बिना जीवन में ना होवे सबेरा ।।


पुस्तकालय ज्ञान का सुन्दर सुखद भण्डार हैं ।

जहां नव प्राचीन ग्रन्थों का अतुल भण्डार है ।।


पुस्तकालय ज्ञान का मन्दिर कहाता है ।

वातावरण में रम्य पढना मन को भाता है ।।


वेदना चिन्ता कलह सब भूल जाता है ।

पुस्तकालय में समय जो आ बिताता है ।।


ज्ञान नव नव राह उन्नति सूत्र मिल जाते नये ।

आप्त जन अनुगमन करके छूट सब गम से गये।।


कम खर्च में मिलता अधिक ज्ञान जन को है यहां ।

पुस्तकालय से बङा बतला कोई मन्दिर कहां ।।


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