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Anita Sharma

Romance

4  

Anita Sharma

Romance

पुराना शहर

पुराना शहर

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आजफिर तेरे पुराने शहर में आना हुआ। 

फिर याद वही पुराना जमाना हुआ। 

वो हाथों में हाथ लेकर घूमना इन गलियों में, 

हरशाम का तेरे साथ याराना रहा। 

यूँ तो बढ़ गये हम बहुत आगे जिन्दगी में। 

फिर भी तेरे साथ बिताया हर लम्हा यादों में छाया रहा। 

ये पुराना शहर भी अब कुछ नया सा लगा मुझे, 

पर दिल में बसी याद में वही पुराना नजारा रहा। 

यहाँ कि तो हवा भी अपनी सी लगी मुझे, 

क्योंकि इनमें घुला वही तेरी खुशबू का खजाना मिला। 

एकबार फिर मैने अपने दिल को समझाया, 

आज फिर तेरा वही पुराना धोखा याद आया मुझे। 

आज फिर तेरे पुराने शहर में आना हुआ।


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