STORYMIRROR

Rizwana Begum

Romance

2  

Rizwana Begum

Romance

पत्र जो

पत्र जो

1 min
338

जो लिखी थी तुम्हारी यादों में पत्र

वो पत्र सिर्फ यादों में रह गये।


ना तुम मिले मुझे और ना ही

मैं मिली तुम्हें।


फिर भी ना जाने मैंने

तुम्हारी याद में कितने पत्र लिखे।


ओर अपने पास रख लिया

जो लिखे थे पत्र वो भेजे नहीं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance