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Rizwana Begum

Others

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Rizwana Begum

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चाहत

चाहत

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जिसने हमको चाहा उसे हम चाह ना सके


जिसे चाहा उसे हम पा ना सके

ये समझ लो दिल तोड़ने का काम है,


किसी का तोड़ा ओर अपना बना ना सके।



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