STORYMIRROR

Rizwana Begum

Others

2  

Rizwana Begum

Others

चाहत

चाहत

1 min
160

जिसने हमको चाहा उसे हम चाह ना सके


जिसे चाहा उसे हम पा ना सके

ये समझ लो दिल तोड़ने का काम है,


किसी का तोड़ा ओर अपना बना ना सके।



Rate this content
Log in