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सब उत्कृष्ट चाह बिगाड़ सके न कुछ भी कोरोना जितना कोई बहला सके हमें न दिल मुश्किल हो दौर prabhat pandey श्वान भौंक रहे भौंकने दो ज्ञान मृग मरीचिका हे आर्य वीरों! जागो हो काबू है हमने पाया विरोध जश्न धीरज तो हम कभी न छोड़ें वो जश्न कोई मना न सके सच

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