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विरोध वो जश्न कोई मना न सके दो गज़ की दूरी सच हो जज्बात मुश्किल हो दौर सब उत्कृष्ट creation ध्यान जितना काबू है हमने पाया बिगाड़ सके न कुछ भी कोरोना धीरज तो हम कभी न छोड़ें न जश्न कोई बहला सके हमें न खुद दिल हे आर्य वीरों! जागो

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