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विश्वगुरु फिर बनेगा जग सिरमौर जज्बात खुद श्वान भौंक रहे भौंकने दो दिल दो गज़ की दूरी prabhat pandey सच वो जश्न कोई मना न सके ध्यान ज्ञान चाह दूज़ी लहर हे आर्य वीरों! जागो बिगाड़ सके न कुछ भी कोरोना डबल मास्क कोई बहला सके हमें न जश्न सब उत्कृष्ट काबू है हमने पाया

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