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संजय कुमार जैन 'पथिक'

Romance

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संजय कुमार जैन 'पथिक'

Romance

पति की सजा

पति की सजा

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47

जब भी मैं गलती करता हूँ

सजा दी जाती है

जब भी तुम गलती करती हो

सजा दी जाती है

दोनों मामलो में गलतियां होती हैं

दोनों मामलो में सजा दी जाती है

पर सजा हमेशा तुम देती हो

और वो सजा मुझे नहीं मिलती

गलती भले मेरी हो

सजा दोनों मामलों में तुम

देती हो अपनेआप को

क्योंकि तुम्हे पता है

कि यही मेरे लिए सबसे बड़ी सजा है!



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