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sadhna Parmar

Tragedy Action Thriller

4  

sadhna Parmar

Tragedy Action Thriller

पता नहीं चलता कब

पता नहीं चलता कब

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पता नहीं चलता कब हँसती खेलती,

जिंदगी में मायूसी छा जाये,

मुस्कुराते चहरे पता नहीं चलता,

कब ख़ामोशी में बदल जाये,

उलझनों से भरी राहे पता नहीं चलता,

कब सुनसान राह में बदल जाये,

ख़ुशियाँ बरसते बरसते पता नहीं चलता,

कब आँखों में आँसूओ की बारिश आ जाये,

अपनों के साथ चलते-चलते पता नहीं चलता,

कब अपनों का साथ हमसे छूट जाये,

महबूब से मोहब्बब करते हुए पता नहीं चलता,

कब अचानक से महबूब रूठ जाये,

जी भरकर जी लो ये जिंदगी पता नहीं चलता,

कब चलती हुई साँसें रूक जाये।


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