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Jina Sarma

Abstract Tragedy

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Jina Sarma

Abstract Tragedy

प्रकृति

प्रकृति

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प्रकृति तुमसे दूर होने का खामियाजा

भुगतना पड़ रहा है,

शहर से जो मिला अधूरा लग रहा है,

कुछ तो कमी है, सब पाने का प्रयास किया

लेकिन मन में नाराज़गी बढ़ता गया,

प्रकृति के निकट रहना सुकून भरा एहसास था,

हरा रंग मुझे याद दिलाता

आधुनिक जीवनशैली ने क्या है छीना!


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