STORYMIRROR

MALA SINGH

Inspirational Children

4  

MALA SINGH

Inspirational Children

प्रकृति

प्रकृति

1 min
258

प्रकृति का रुप सुनहरा, 

जिससे है जीवन हमारा।

प्रकृति के सारे घटकों से ही, 

पृथ्वी की शोभा बढती है।

तभी इतना सुन्दर रुप लेकर

जीवन और पनाह देती है।


मानव जब लालच में आया, 

प्रकृति से छेड़छाड़ कर डाला।

प्रकृति संतुलन बिगाड़ डाला,

जीवन कष्टों में सबका आया।।

कहीं बाढ , सोनामी आया, 


कहीं भूकंप कहीं सूखा आय।

महामारी ने भी कहरबरसाया।, 

अब तो मानव कुछ तो जागो।

अपनी अपनी भूल सुधारो , 

प्रकृति के सभी घटकों को -

मन से अब संरक्षित कर लो।


मिलजुल कर सब पेड़ लगाएं, 

पानी को भी यूँ ही ना बहाएं।

प्लास्टिक का प्रयोग न करना, 

स्वच्छता का है ध्यान रखना।

 इन बातों को रोज अपनायेगे, 


हर दिन पृथ्वी को कुछ देगें।

तभी भविष्य बचा पायेंगे , 

ऋण भी इसका उतार पायेंगे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational