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Sachhidanand Maurya

Inspirational

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Sachhidanand Maurya

Inspirational

प्रकृति से न खेल

प्रकृति से न खेल

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महाशक्ति की होड़ में,

क्षमता वृद्धि के शौक में,

एक दूजे की तोड़ में,

प्रकृति से न खेल प्यारे,

हो जाओगे फेल प्यारे।

हो जाओगे फेल।


हथियार जमा तू कितना कर ले,

तू चाहे चांद मंगल सूरज चढ़ ले,

किस्से अपनी बहादुरी के गढ़ ले,

प्रकृति से तेरा न मेल प्यारे,

हो जाओगे फेल प्यारे,

हो जाओगे फेल।


देखा नहीं क्या नेचर का दम,

सुनामी के आगे फीका एटम,

भूल गए कोरोना का दमखम?

स्टॉपेज न कोई प्रकृति रेल प्यारे,

प्रकृति से न खेल प्यारे,

हो जाओगे फेल प्यारे।

हो जाओगे फेल।


तुम अंधाधुंध कटाई रोको,

तुम तरुवर से रिश्ता जोड़ो,

जीव जंतु का घर न तोड़ो,

क्या जाना चाहोगे नेचर जेल प्यारे,

प्रकृति से न खेल प्यारे,

हो जाओगे फेल प्यारे।

हो जाओगे फेल।



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