प्रकृति का उपहार
प्रकृति का उपहार
यह धरा, यह अंबर, शीतल पवन का अद्भुत स्पर्श,
प्रकृति के इस अनुपम उपहार में बसा वैभव हर्ष।
हरियाली की चादर ओढ़े, पेड़ों की छांव से धरती प्यारी,
अम्बर से मेघ बरसते, पृथ्वी को करते हरित क्यारी।
फूलों की सुरभित बगिया, पक्षियों का मधुर गान,
प्रकृति की गोद में है सजीवता का अद्भुत विज्ञान।
नदी की मचलती धारा, पर्वतों का शांत सहज स्वरूप,
प्रकृति की सुंदरता में बसा हर दिल का सुखद रूप।
तूफानों की गरज में भी, है एक नई कहानी,
प्रकृति के हर रंग में छुपी है कुदरत की रवानी।
प्रकृति का यह अनुपम दृश्य, हमें सिखाता प्यार की भाषा,
इसके हर अंग में बसी है, जीवन की सच्ची परिभाषा।
तो आओ, हम भी इसके संग, प्रकृति प्रेम का उत्सव मनाएँ,
प्रकृति के इस अद्वितीय उपहार को, सदा-सदा अपनाएँ।
