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Acharya Neeru Sharma(Pahadan)

Abstract

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Acharya Neeru Sharma(Pahadan)

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प्रकृति का संगीत

प्रकृति का संगीत

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सुन सखी री !

पवन सुना रही,

गीत अनोखा ।

झरनों ने इसमें,

दिया संगीत ।

नदिया ने लहराकर,

घोल दी मिश्री ।

फूलों और नव पल्लवों ने,

खुशबू देकर गजब की

महकाया इसको ।

सुन सखी री !

प्रकृति का देख रूप यह अद्भुत,

पंछियों ने कलरव करके,

रंग घोले इसमें सुरीले ।

चल सखी री !

कुछ बतियाएँ, मुस्कुराएँ और

समय बिताएँ प्रकृति के इस,

अनुपम रूप के संग ।



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