priyanka yadav
Inspirational Others
जो हम कर रहे हैं आज,
उससे प्रकृति है नाराज।
कल का सोचना बंद करो,
पहले प्रकृति को बचाओ आज।
पृथ्वी पे है हाहाकार मचाया,
पैसा तुमको इतना भाया।
प्रकृति को ना करो नाराज,
प्रयासचित् करो तुम आज के आज।
चाय की चुस्कि
कौन हूँ मैं.....
पापा
दोस्ती
गोली भी रोया ...
बचपन
किसान
सैनिक
प्रकृति है ना...
ये वृक्ष नहीं...
ये कविता पिता और परिवार के रिश्तों का आयना है । ये कविता पिता और परिवार के रिश्तों का आयना है ।
लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं! लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं!
चलता रहा हूँ, रुका नहीं, गिरा कई बार, झुका नहीं। चलता रहा हूँ, रुका नहीं, गिरा कई बार, झुका नहीं।
ताज के आम हीरो ' (Based on the events of 26/11) ताज के आम हीरो ' (Based on the events of 26/11)
रोम रोम को झंकृत कर देने की शक्ति समाहित किये हुऐ आपके प्रिय कवि विद्रोही का श्रृंगार और करुण रस का ... रोम रोम को झंकृत कर देने की शक्ति समाहित किये हुऐ आपके प्रिय कवि विद्रोही का श्र...
तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो। तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो।
नफरतें नफरतें दुनिया को बांटती नफरतें नफरतें नफरतें दुनिया को बांटती नफरतें
कृष्णा ने की सृष्टि की रचना<br>विनीता से निभाना है हमें<br>सुखी संसार की कल्पना करके<br>ऊंची उड़ान भ... कृष्णा ने की सृष्टि की रचना<br>विनीता से निभाना है हमें<br>सुखी संसार की कल्पना ...
हौसलों की उड़ान में, इरादों को मकसद बनाकर तो देखो; प्रगति पथ पर तुम, हिम्मत से कदम उठाकर तो देखो... हौसलों की उड़ान में, इरादों को मकसद बनाकर तो देखो; प्रगति पथ पर तुम, हिम्मत से क...
कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I
जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब मेरे विद्रोह के ज्वाल... जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब म...
, आज़ाद सही मायनों में और फिर से मनाययेगें उत्सव स्वतंत्रता का। , आज़ाद सही मायनों में और फिर से मनाययेगें उत्सव स्वतंत्रता का।
खड़क धूपमें किसान अपनी फसलों को काटता है जिससे भारत में कोईभी भारतवासी भूख ना रह सके वह लोगोंको प्रे... खड़क धूपमें किसान अपनी फसलों को काटता है जिससे भारत में कोईभी भारतवासी भूख ना रह...
ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रोई होगी। ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रो...
हो भाग्यहीन तुम, नहीं जन्मीं कन्या तुमने, कन्यादान है महादान। हो भाग्यहीन तुम, नहीं जन्मीं कन्या तुमने, कन्यादान है महादान।
ये कविता उन सब लोगों को समर्पित है जो अपंग होते भी ज़िन्दगी से हार नहीं मानते, डटे रहते हैं, ज़िन्दगी... ये कविता उन सब लोगों को समर्पित है जो अपंग होते भी ज़िन्दगी से हार नहीं मानते, ड...
मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं। मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं।
आपकी शक्ति मुक्ति और भक्ति। आपकी शक्ति मुक्ति और भक्ति।
गुरु तुम्हारे शब्दों के पीछे छुपा हुआ मौन है। गुरु वही जिसका मौन भी सिखाए, जिसकी खामोशी में भी एक क... गुरु तुम्हारे शब्दों के पीछे छुपा हुआ मौन है। गुरु वही जिसका मौन भी सिखाए, जिसक...
छत की सरजमी भी बड़ी प्यारी है जनाब, दिखाती है नजरों को दिन में ख्वाब। छत की सरजमी भी बड़ी प्यारी है जनाब, दिखाती है नजरों को दिन में ख्वाब।