STORYMIRROR

priyanka yadav

Inspirational

3  

priyanka yadav

Inspirational

बचपन

बचपन

1 min
224

आज हमें ये समझ में आया, 

कितना सुंदर है ये बचपन। 

कितने खुश रहते थें हम, 

सोचते ही ख़ुश हो जाता है मन।


दिन भर खेला कूदा करते, 

दौड़ लगाते पूरे आँगन।

हमको तो था बस मस्ती करना, 

चाहे गर्मी हो या सावन। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational