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Jyoti Naresh Bhavnani

Inspirational

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Jyoti Naresh Bhavnani

Inspirational

परिवर्तन जीवन का मूल आधार

परिवर्तन जीवन का मूल आधार

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दुख न मिलता अगर जीवन में,

सुख की पहचान कहाँ से होती।

दुख मिलता है जीवन में तभी तो,

सुख की कीमत समझ में आती।


नभ में घोर अंधेरा छाने से ही तो,

झिलमिल सितारों की रोशनी है होती।

अंधेरे से भरी काली रात के आने से,

रोशनी से भरी प्यारी सुबह है होती।


काली घनघोर घटाएँ छाने से ही तो,

रिमझिम बूंदों की बरसात है होती।

सूखी प्यासी व्याकुल इस धरती की,

प्यास भी तभी ही तो है बुझती।


ख़ूब कड़ी महेनत के बाद ही तो,

किसान के घर खुशियाँ हैं आतीं,

लहलहा उठते हैं खेत खलिहान सारे,

मेहनत उसकी जब रंग है लाती।


परिवर्तन जीवन का मूल आधार है,

जो समझे उसकी जीत ज़रूर है होती,

जो दुःखों से घबरा के पीछे न हटे तो,

उसकी जीवन में कभी हार न होती।



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