STORYMIRROR

Usha Shrivastava

Inspirational

4  

Usha Shrivastava

Inspirational

परिवार

परिवार

1 min
331


परिवार समाज का अभिन्न अंग है,

परिवार से ही जीवन में उमंग है!

एकता हो परिवार में, तो बन जाये सारे काम ,

आपसी सहयोग से, बना सकते हो प्यार का जहान !!


दादा-दादी सुनाते कहानी शौर्य और परियों वाली,

डांट भी उनकी लगती जैसी मीठी गाली!

प्यार, त्याग, समर्पण का महत्व,

परिवार से ही बच्चे सीखते,

यहीं से बनते मानवता के मजबूत रिश्ते!!


परिवार में मिलता सबको प्यार-दुलार,

बच्चों को मिलते अच्छे संस्कार!

बचपन से ही दी जाए यदि शिक्षा

बेटों को नारी की इज़्ज़त करने वाली,

और बेटियों को सिखाएँ स्वरक्षा प्रणाली!!


साथ ही पुलिस रहे सतर्क, कानून बने सख्त...,

तो फिर कभी नहीं होंगी, घटनाएं हैवानियत वाली ! 

परिवार के बिना, है विकास की बात अधूरी,

क्योंकि यही तो है, समृद्ध राष्ट्र की धुरी !!


लेकिन अब!! हम दो हमारा एक हो गए,

बड़े-बुजुर्ग धीरे-धीरे परिवार से दूर हो गए!

परिवार की बगिया में खुशियों के फूलों की महक आने दो,

हमेशा मिल-जुल कर रहें, ऐसा भाव समाने दो!!



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational