STORYMIRROR

प्रेममयी अभिलाषा

प्रेममयी अभिलाषा

1 min
917


लागी है तोसे नजर

एक बार देख तो इधर।


प्रेम का इजहार तो कर

थक गए नैन मगर।


नैनों की भाषा समझ

प्यारी जिंदगानी है महज़।


दो घड़ी तो ठहर

फिर हो जाएगी प्रहर।


छलके नैनों से नीर अगर

थम जाए ना ये डगर।


गर ये नैन भी मदिरा छलकाए

शब्द भी निःशब्द हो जाए।


ठुकरा के यूँ ना जाइयो

नैनों की परिभाषा।


यही जीवन के रंगों से भरी

प्रेममयी अभिलाषा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance