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Aarti Ayachit

Others

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Aarti Ayachit

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"रांगोली"(मुक्तक)

"रांगोली"(मुक्तक)

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सुख की चले, सदा नाव,

हर दिलों में हो,प्रेम भाव,

भावों के समावेश का प्रभाव,

सुख की बनी रहे सदा छांव,


उम्मीदों के फूल खिलते रहें,

ज़िंदगी यूं ही बढ़ती रहे,

नवीन स्वप्न हम देखते रहें,

अंतर्मन की रंगोली सुसज्जित रहें,


नित नवीन भावों की रंगोली,

आओ मेरे संग हमजोली,

कर लो आपस में हंसी ठिठोली,

सुखी जीवन की यही है रंगोली,


 आपस में बांटे खुशियाँ, 

 मिल सजाएं रंगोलियां 

 मिट जाएगा अंधकार, 

 नई आशाओं संचार । 


 पुकार,

सबमिल चलो करे जय-जयकार।


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