प्रेम
प्रेम
जिंदगीभर किसी के लिए ठहरना...
यही तो प्रेम है...
कोई अन्य को सुख में देख आनंद मनाना...
यही तो प्रेम है...
किसी को दुःख में देख खुद का रोना...
यही तो प्रेम है...
और किसी भी के बगैर मर जाना...
यही तो प्रेम है...।
