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ajad_e_kalam .

Abstract

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ajad_e_kalam .

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प्रेम

प्रेम

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किसी के ना होने से एहसास होता है..

जैसे वो हमारे एकदम पास होता है..


रूह तलक झांककर कौन देखता है,

आसुओं से सब हिसाब होता है..


सभी आजकल गुलाब चुनते हैं,

कांटो पर किसका ध्यान होता है..


हकीम दवा का इंतजाम सब करते हैं,

असल में उस समय कौन साथ होता है..


मेरी मानो तो तुम इश्क़ कर लो,

तब देखना की क्या हालात होता है..


इश्क़ ही मुकम्मल रहता है हमेशा,

वरना जबरदस्ती में तो तलाक होता है.


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