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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Comedy Romance Fantasy

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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Comedy Romance Fantasy

प्रेम की खुशबू

प्रेम की खुशबू

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पतली कमरिया तेरी बल खाने लगी है 

नैनों में भी अजब खुमारी छाने लगी है 


जबसे रंगी है मेरी चाहत के रंग में गोरी

तेरे पसीने से भी प्रेम की खुशबू आने लगी है।


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