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Jyoti Naresh Bhavnani

Inspirational

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Jyoti Naresh Bhavnani

Inspirational

प्रेम है महान

प्रेम है महान

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प्रेम चाह है उमंग है,

और है अरमान ।

प्रेम जोश है जुनून है,

और है अभिमान।


प्रेम एहसास है अनुभूति है,

और है स्वाभिमान।

प्रेम आशा है निराशा है,

और है भाईचारे का निशान।


प्रेम इज़हार है इकरार है,

और है नादान।

प्रेम इंतजार है बेसब्री है,

और हैं फरमान।


प्रेम आस है विश्वास है,

और है बलिदान।

प्रेम रूठना है मनाना है,

और है इक दूजे का मान।


प्रेम ग़म है खुशी है,

और है मुस्कान।

प्रेम मस्ती है ख़ामोशी है,

और है बखान।


प्रेम मोह है ममता है,

और है गुमान।

प्रेम परवाह है भावुकता है,

और है इक दूजे का ध्यान।


प्रेम माता है पिता है,

और है संतान।

प्रेम बच्चा है बूढ़ा है,

और है जवान।


प्रेम भाई है बहन है,

और है संतान।

प्रेम अपना है बेगाना है,

और है मेहमान।


प्रेम धरती है समुंद्र है,

और है आसमान।

प्रेम नदी है पर्वत है,

और है चट्टान।


प्रेम पशु है पक्षी है,

और है इंसान।

प्रेम वस्तु है दुकान है,

और है मकान।


प्रेम खाना है पीना है,

और है पकवान।

प्रेम मौज है मस्ती है,

और है सद्गुणों का दान।


प्रेम सोना है तैरना है,

और है उड़ान।

प्रेम खेलना है कूदना है,

और है ढलान।


प्रेम गीता है बाइबल है,

और है क़ुरान।

प्रेम भक्ति है प्रार्थना है,

और है अज़ान।


प्रेम गीत है संगीत है,

और है राष्ट्रगान।

प्रेम ज्ञान है ध्यान है,

और है व्याख्यान।


प्रेम रिश्ता है नाता है,

और है ये जहान।

प्रेम घर है राष्ट्र है,

और है महान।



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