Kamini Soni
Abstract
काश मेरे भारत की
तस्वीर ऐसी हो जाए।
हर थाली में हो पोषण
खाली पेट न कोई सो पाए।
शीर्षक - फाग...
शीर्षक - साथ ...
शीर्षक - ऋतुव...
स्वर्ग
बसंत मन को भा...
नव संकल्प
जीवन की सांझ
पोषण
बहती थी
वजूद अभी ज़िंदा है मेरा, हाँ अब मैं जीत गया। वजूद अभी ज़िंदा है मेरा, हाँ अब मैं जीत गया।
उस रात का कहर सखियों को सुनाकर शर्माना बड़ा ही अच्छा लगता है। उस रात का कहर सखियों को सुनाकर शर्माना बड़ा ही अच्छा लगता है।
सचमुच भविष्य सिमट आया है वर्तमान में तुम्हारी आवाज में। सचमुच भविष्य सिमट आया है वर्तमान में तुम्हारी आवाज में।
वो आज अपने प्यार के लिए खुदा से दुआ माँगता है। वो आज अपने प्यार के लिए खुदा से दुआ माँगता है।
कोड़े किताब में चिपका लो, बसंत की सृष्टि अब भी होगी। कोड़े किताब में चिपका लो, बसंत की सृष्टि अब भी होगी।
फिर भूल जाते हैं रोजमर्रा के कामों में जुट जाते हैं। फिर भूल जाते हैं रोजमर्रा के कामों में जुट जाते हैं।
छुपाकर दर्द सारे अश्कों से,जो खेलता है छुपाकर दर्द सारे अश्कों से,जो खेलता है
जब कहीं भी सुना जाए राष्ट्रगान खड़े रहे हम सावधान। जब कहीं भी सुना जाए राष्ट्रगान खड़े रहे हम सावधान।
अब फिर से मैं अकेला हूं खुद का रास्ता देख रहा हूँ। अब फिर से मैं अकेला हूं खुद का रास्ता देख रहा हूँ।
गाओ सखी मग्न होकर,आया है बसंत। गाओ सखी मग्न होकर,आया है बसंत।
मैं कायर नहीं ये सोच के फिर रुक जाती और ज़िन्दगी से फिर अपना दिल लगाती। मैं कायर नहीं ये सोच के फिर रुक जाती और ज़िन्दगी से फिर अपना दिल लगाती।
हम हो न हो तुम हो न हो, ये प्यारा हिन्दुस्तान रहे। हम हो न हो तुम हो न हो, ये प्यारा हिन्दुस्तान रहे।
कलम में कैद है, तराना इस कायर का गजब शायरी लिखे, अफसाना शायर का। कलम में कैद है, तराना इस कायर का गजब शायरी लिखे, अफसाना शायर का।
हर इंसान समाचारों से जुड़ने लगा, हर समय। हर इंसान समाचारों से जुड़ने लगा, हर समय।
आज का ये होता हुआ दिन हमसे कहता हुआ तुम मनुष्य हो। आज का ये होता हुआ दिन हमसे कहता हुआ तुम मनुष्य हो।
बस उम्मीदों की लौ दहकती रहे मैं रहूँ न रहूँ मशाल जलती रहे। बस उम्मीदों की लौ दहकती रहे मैं रहूँ न रहूँ मशाल जलती रहे।
आवाज़ें कई थी, पर शायद मैं अकेला ही था वही। आवाज़ें कई थी, पर शायद मैं अकेला ही था वही।
बेटी युग के नए दौर में, हर्षाया हर तबका। बेटी युग के नए दौर में, हर्षाया हर तबका।
हमने घर की ईंट इसपे रखी। मैं वो राह तेरी, हमने घर की ईंट इसपे रखी। मैं वो राह तेरी,
तब तक भारत माँ के लिये में, अपनी जान दांव पर लगाता हूं। तब तक भारत माँ के लिये में, अपनी जान दांव पर लगाता हूं।