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Kamini Soni

Abstract

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Kamini Soni

Abstract

बहती थी

बहती थी

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बहती थी कभी निर्मल कल कल

क्यों आज प्रदूषित कर दिया।


था स्वच्छ निर्मल पावन जल

अवांछित द्रव्यों से भर दिया।


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