स्वर्ग
स्वर्ग
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गूंजते हैं जब स्वर आपके
तार दिलों के बजते हैं।
हर इक स्वर पर लगता है युं
साज हजारों बजते हैं।।
राग की सरगम छेड़ते हो जब
दीप दिलों में जलते हैं।
तान अलाप जो लेते हो जब
मन में घुंघरू बजते हैं।।
गाते हो जब गीत सुरीला
घर मंदिर सा लगता है।
ईश्वर ने गर स्वर्ग बनाया
बाहों में आपकी दिखता है।।
