STORYMIRROR

Shailaja Pathak

Inspirational

2  

Shailaja Pathak

Inspirational

पलायनवादी

पलायनवादी

1 min
763


पलायनवादी था वो,

रोज बोलता था कि तुम कीचड़ में रहते हो,

कीचड़ है ये जगह,

वो तो बोलकर पलायन कर गया।

अब जब रहना मुझे यहीं है,

तो में कीचड़ में कमल खिलाने की कोशिश कर रही हूं।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational