Buy Books worth Rs 500/- & Get 1 Book Free! Click Here!
Buy Books worth Rs 500/- & Get 1 Book Free! Click Here!

achla Nagar

Abstract


3  

achla Nagar

Abstract


फरियाद

फरियाद

1 min 19 1 min 19


आज मुझे जी भर कर निहार

लेने दो वीर जी...


न जाने कहाँ चला गया बचपन याद कर

 लेने दो वीर जी...


वो अठखेलियाँ, शरारतें महसूस कर

 लेने दो वीर जी...


यह सारे उपहार नहीं चाहिए मुझे... 

बस अपने दिल में हमेशा रखना मुझे...

 

इस पवित्र रिश्ते का हम रखे हमेशा मान...

कभी भी ना आए बीच में कोई आन...


हमारी परछाइयाँ गर न दे साथ...

अपना मत हटाना पर ये हाथ...



Rate this content
Log in

More hindi poem from achla Nagar

Similar hindi poem from Abstract