फौजी दिल से सलाम
फौजी दिल से सलाम
सलाम सलाम,
सलाम सलाम,
मेरे भारत के फौजी,
तुम्हें दिल से सलाम।
दिन का चैन गँवाते हो,
रातों को जागते रहते हो,
अपने परिवार से हमेशा दूर ही रहते हो,
और खुशी खुशी छोड़ देते हो,
अपने कई अरमान।
मेरे भारत के फौजी,
तुम्हें दिल से सलाम।
मेरे देश की सीमाओं पे,
हर ठंडी में हर गर्मी में,
अपना फर्ज खूब निभाते हो,
और कर देते हो,
अपनी कई नींदें क़ुर्बान।
मेरे भारत के फौजी,
तुम्हें दिल से सलाम।
मेरे देश की सुरक्षा में,
दुश्मनों से उसकी रक्षा में,
नहीं कभी भी पीछे हटते हो,
और नहीं रखते हो,
खुद का कभी ध्यान।
मेरे भारत के फौजी,
तुम्हें दिल से सलाम।
हम हर त्यौहार मनाते हैं,
हर पल मस्ती में रहते हैं,
पर तुम सदैव सतर्क रहते हो,
और रखते हो हमेशा,
हथेली पे अपने प्राण,
मेरे भारत के फौजी,
तुम्हें दिल से सलाम।
तुम हमेशा जागते रहते हो,
इसलिए हम चैन से सोते हैं,
अपनी पहरेदारी ख़ूब निभाते हो,
और दे देते हो,
अपनी खुशियों का बलिदान।
मेरे भारत के फौजी,
तुम्हें दिल से सलाम।
जीवन भर संघर्ष करते रहते हो,
फिर भी शिकायत कभी न करते हो,
अपने देश से प्यार बहुत ही करते हो,
और करते हो हम पे,
कई अनगिनत एहसान।
मेरे भारत के फौजी,
तुम्हें दिल से सलाम।
इरादों में तुम्हारे दृढ़ता है,
मुख पे हमेशा निडरता है,
कोई ख़ौफ़ नहीं मरने का है,
फिर तुमसे अच्छा होगा कौन,
हमारे भारत का निगहबान।
मेरे भारत के फौजी,
तुम्हें दिल से सलाम।
