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SUNIL JI GARG

Abstract

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SUNIL JI GARG

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फैंटेसी जीनियस की

फैंटेसी जीनियस की

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कल्पना तुम्हारे बारे में

लोग कहते हैं फैंटेसी

मुझे अच्छा लगता है न

लोग दिखाते रहें जैलेसी 


चमकीली काली ड्रेस पहन

निकलोगी काली गाड़ी से

मेरे लिए सोचना ही काफी

तुम क्यों मिलोगी अनाड़ी से


कल तुमको देखा इंस्टा पर

कुछ कमेंट की हिम्मत न हुई

हमने अपना फोटो डाला तो

किसी ने न देखा, इज्ज़त न हुई


वैसे ऐसा नहीं, आवारा हूँ मैं

बस फैंटेसी में डूबा रहता हूँ

काम धंधा बुरा नहीं है मेरा

खुद से बतियाता रहता हूँ


कुछ लोग ये भी कहते हैं

ये फैंटेसी में जीने वाले

बाद में हो जाते हैं संत

ध्यानी, आत्म ज्ञान वाले


ऐसे ही सोच सोच कर

मैं हो जाता हूँ सीरियस

कल्पना वैसे जरूरी है

इंसान हो अगर जीनियस।


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