STORYMIRROR

मानसिंह मातासर

Inspirational

4  

मानसिंह मातासर

Inspirational

पैसा

पैसा

1 min
284

पैसों से पागल हुए,'मान' आज इंसान।

मरती दिखती मनुजता,दिखती झूठी शान।।


धन के पीछे अहर्निश,भाग रहा इंसान।

पीछे-पीछे मौत भी,लेने आती जान।।


मानव माया जाल में,उलझ गया है आज।

भगवन को तो भूलकर,करता धन पर नाज।


मैल हाथ का साथियो,धन को लें सब मान ।

इसका गर्व न कीजिए,गुण का हो गुणगान।।


ईश्वर इतना दीजिए,जितना चाहे 'मान'।

सबको करदूँ प्यार से,पल भर में धनवान।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational