STORYMIRROR

Minal Aggarwal

Tragedy

4  

Minal Aggarwal

Tragedy

पागल मैं हूं कि तुम

पागल मैं हूं कि तुम

1 min
209

पागल 

मैं हूं कि 

तुम 

जो अपने मां बाप को 

एक पल को भी न 

पूछते हो और 

उम्मीद लगाये बैठे हो 

अपने बच्चों से कि 

वह अपना सारा वक्त 

तुम पर लुटा देंगे और 

तुम्हें कभी एक पल के लिए भी

अकेला नहीं छोड़ेंगे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy