नये साल से कैसी है आशाएं...।
नये साल से कैसी है आशाएं...।
बेशक नहीं दिखे कोई राह हमें,
फिर भी हार नहीं मानेंगे,
हर चुनौतियों का डटकर सामना करेंगे,
बेशक मालूम नहीं मंजिल मिलेगी भी नहीं,
फिर भी हर पल कोशिशें करते रहेंगे,
जिस प्रकार समय कभी एक सा नहीं रहता,
उसी प्रकार हालात एक से नहीं रहते,
आज हार हिस्से में आई है कल जीत आएगी,
यही उम्मीद कर नए साल की शुरुआत करेंगे,
और हर पल को खुशी के साथ जीएंगे,
चेहरे पर हर पल मुस्कान रहेगी,
और दिल में यही उम्मीद हर पल बनी रहेगी,
इस नए साल में नयी शुरुआत करेंगे,
पीछे छूट गए सपनों को पूरा करेंगे,
भूल जो हुई पहले हमसे उनको सुधारेंगे,
अपनों से साथ कुछ पल बिताएंगे,
इस साल को यूं ही व्यर्थ न जाने देंगे,
कुछ नया कुछ अलग करके दिखाएंगे,
गम हो या खुशी सभी को गले लगाएंगे,
हार मिले या जीत सभी को मुस्कुराते हुए स्वीकार करेंगे,
इस साल खुद को थोड़ा बदलेंगे,
और हर साल की तरह कड़वाहट को भुलाकर आगे बढ़ेंगे।
