STORYMIRROR

Rohit Kumar Yadav

Inspirational

3  

Rohit Kumar Yadav

Inspirational

***बेटी***

***बेटी***

1 min
170

लक्ष्मी होती है बेटियां

दुर्गा होती है बेटियां

न्यारी होती है बेटियां

प्यारी होती है बेटियां 

फिर क्यों? कोख में ही मारी जाती है बेटियां


खाना बनाकर खिलाती है बेटियां

चाय बनाकर पिलाती है बेटियां

सुबह-शाम झाड़ू लगाती है बेटियां

प्रत्येक काम में हाथ बटाती है बेटियां

फिर क्यों?फटकारी जाती है बेटियां


दोनों कुलों का भार ढोती है बेटियां 

सबका नाज रखती है बेटियां 

अपमान की घूंट पीकर जीती है बेटियां

ताने सुनकर भी चुप रह जाती है बेटियां 

फिर क्यों? यहां रूलाती जाती है बेटियां।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational