Rohit Kumar Yadav
Children
होली आई होली आई
गुलाल की झोली लायी
पिचकारी में रंग भर कर
बच्चों की टोली आई
खूब हुड़दंग मचायी
नहीं किसी से रूसवाई
आपस में सब भाई-भाई
गुजिया नमकीन और ठंडाई।
***बेटी***
अमर शहीद
***होली***
फागुन का रंग
***वीर जवान च...
***अपना हिन्द...
***सवाल***
***भारत***
***बसंत का बय...
मेला जब-जब आता है बच्चों का दिल खिल उठता है. मेला जब-जब आता है बच्चों का दिल खिल उठता है.
सोशल डिसटेंसिंग निभाएंगे। गुड सिटिज़न बनकर दिखाएंगे। सोशल डिसटेंसिंग निभाएंगे। गुड सिटिज़न बनकर दिखाएंगे।
बागों में रंग बिरंगे फूल खिलाए, चिड़ियों ने नया गान सुनाया बागों में रंग बिरंगे फूल खिलाए, चिड़ियों ने नया गान सुनाया
चाय चढ़ा दी है मैंने तब तक तुम ये चने खाओ चाय चढ़ा दी है मैंने तब तक तुम ये चने खाओ
घड़ी हमारा पहला मार्गदर्शन है जो हमेशा हमारे सारे काम समय पर कराता है घड़ी हमारा पहला मार्गदर्शन है जो हमेशा हमारे सारे काम समय पर कराता है
एक नन्ही सी किलकारी, जीवन में प्रवेश कर गई। इस किलकारी का नाम बिटिया था एक नन्ही सी किलकारी, जीवन में प्रवेश कर गई। इस किलकारी का नाम बिटिया था
ज्यादा या थोड़ा ही सही पर हर दिल में मौजूद कलाम है। ज्यादा या थोड़ा ही सही पर हर दिल में मौजूद कलाम है।
नेता देंगे किसानों का साथ इसीलिए, अपने नेता को चुनते हैं किसान। नेता देंगे किसानों का साथ इसीलिए, अपने नेता को चुनते हैं किसान।
न चूल्हा न चाहिए इनको कोई ईंधन, सूरज से लेते हैं प्रकाश ऊर्जा आजीवन। न चूल्हा न चाहिए इनको कोई ईंधन, सूरज से लेते हैं प्रकाश ऊर्जा आजीवन।
सुन्दरता होती है वो जो तितली की तरह उड़ती है। सुन्दरता होती है वो जो तितली की तरह उड़ती है।
सुंदर है, मनोरम है, मीठी है, सरल है, ओजस्विनी है और अनूठी है ये हिन्दी। सुंदर है, मनोरम है, मीठी है, सरल है, ओजस्विनी है और अनूठी है ये हिन्दी।
व्यक्तिगत एवं टीमों द्वारा यह, खेल खूब खेला जाता है। व्यक्तिगत एवं टीमों द्वारा यह, खेल खूब खेला जाता है।
सितारों की अजीब दुनिया मुझको लगती प्यारी प्यारी। सितारों की अजीब दुनिया मुझको लगती प्यारी प्यारी।
परियाँ देतीं खेल-खिलौने, सुंदर-सुंदर कपड़े-गहने। परियाँ देतीं खेल-खिलौने, सुंदर-सुंदर कपड़े-गहने।
आओ मनाएं प्रदूषण मुक्त दिवाली लाये हर जगह उमंग और खुशहाली। आओ मनाएं प्रदूषण मुक्त दिवाली लाये हर जगह उमंग और खुशहाली।
नदियों के जल की कल कल, झरनों से बहता अविरल जल। नदियों के जल की कल कल, झरनों से बहता अविरल जल।
माँ की दुलारी हो और पापा की प्यारी, परी हो तुम पापा की ओ बिटिया हमारी, माँ की दुलारी हो और पापा की प्यारी, परी हो तुम पापा की ओ बिटिया हमारी,
खेल खिलौनों की दुनिया में बचपन सबसे प्यारा है। खेल खिलौनों की दुनिया में बचपन सबसे प्यारा है।
माह मार्च के आने पर, पककर तैयार हो जाती।। माह मार्च के आने पर, पककर तैयार हो जाती।।
खाकर खीर चली जब वह घर, पड़ी नज़र माँ की तब उस पर। खाकर खीर चली जब वह घर, पड़ी नज़र माँ की तब उस पर।