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Parul Jain

Abstract Classics Inspirational

4.5  

Parul Jain

Abstract Classics Inspirational

नवरात्रि मनोहारी - बड़ी प्यारी

नवरात्रि मनोहारी - बड़ी प्यारी

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आया नवरात्रि का त्योहार, लेकर खुशियां हजार।

लाया आशीष ढेरों और नये नये रंग,

ओड चुनरिया लाल लाल, मैंने मनाया नवरात्रो का त्योहार।


सजे हैं मंदिर ढेरों दियों से, जगमगाते लौ की तेज़ चमक से,

फूलों की माला है पिरोयी, मंदिर की सजावट है मनभावन, 

लाल, पीले फूल और श्रृंगार का सामन,

किया है भेंट बड़े प्यार से मेरे यार, देखो आया नवरात्रि का त्योहार।


व्रतों की महिमा अपार, बरसें मां की कृपा अपार,

नारियल और मेवों ने मिलकर किया कमाल,

और मां ने बनाया स्वादिष्ट प्रशाद।

मंदिर की झन जन बजती घंटियों की आवाज से,

जाग उठा ये सारा संसार,

देखो आया नवरात्रि का त्योहार, लेकर खुशियां अपार।


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