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Parul Jain

Abstract Others

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Parul Jain

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जगमगाती रोशन दीवाली

जगमगाती रोशन दीवाली

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आई है शुभ दीवाली, जगमगाते दीयों की लौं,

पुराने दीयों को रंग करा सुंदर उन्हें,

नये आकार और मोतियों से सजाया उन्हें,

अलग-अलग डिज़ाइनों से बनाया उन्हें।


सुंदर सुंदर दीप जलें तो चमके सारा घर,

पटाखों और लड़ियों से गूंजे घर आंगन,

फूलों की माला से सजाया घर का द्वार,

सुंदर रंगो से बनी रंगोली मनोहर,

दीप जलें जगमग लिए आशाओं की टोली,

नई उम्मीदें और खुशियां मनचली,


जगमग रोशनी भरती है नये सपने,

न हो निराश, रहो आशावाद,

बनो तत्पर लड़ने और बढ़ने को,

यूं ही बंद हो कर पुराने, खुलते दरवाजे अनेक है,

जैसे ये दिये जगमगाते अनेक है।


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