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manisha suman

Abstract

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manisha suman

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नन्ही उड़न

नन्ही उड़न

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बच्चे होते हैं खास,

चंचल और बिंदास,

चलते जाना ले विश्वास,

मंजिल की है तलाश,


सपने आंखों में लिए,

कदमों की देखो उड़ान,

नव अंकुर निकल पड़े, 

मन की बातें समझाने, 


सपना आंखों में बसाएं,

जुगनू हाथों में सजाएं ,

हौसलों की बंद मुट्ठी ,

नन्हे-मुन्ने बढ़ते जाएं,


दृढ़ संकल्प स्वप्न सजाएं,

जीवन की यह परिभाषाएं ,

आज इन्हें हम सँवारे,

यह कल की हैं ये आशाएं।



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