निरंतर प्रयत्न कर
निरंतर प्रयत्न कर
तू गम ना कर,
थोड़ा धीरज धर।
आहिस्ता-आहिस्ता,
बस प्रयत्न कर।।
खुल जाएगा एक दिन,
किस्मत का द्वार।
सफलता होगी हासिल,
पूरे होंगे अरमान।।
गर ना हो विश्वास,
याद कर वो कहानी।
जिसमें रेस लगी थी,
कछुवा खरगोश की।।
कछुवा चलता है मन्द-मन्द,
यह सोच सो गया खरगोश।
तय करेगा आधा सफर जब-तक,
एक नींद पूरी कर लूंगा तब-तक।।
उठूंगा जब सोकर,
दौड़ लगाऊंगा सर-पट।
मिनटों में पहुंच जाऊंगा,
पूरी करूंगा रेस झट-पट।।
पर ऐसा ना हुआ,
खरगोश गहरी नींद सो गया।
निरंतर मंद-मंद चलकर,
कछुवा रेस जीत गया।।
टूटा दंभ खरगोश का,
कभी ना करो तुम आलस्य।
निरंतर प्रयत्न कर,
हासिल करो अपना लक्ष्य।।
