STORYMIRROR

Hardik Mahajan Hardik

Inspirational

4  

Hardik Mahajan Hardik

Inspirational

सपनों को चूर करने लगी

सपनों को चूर करने लगी

1 min
282

सपनों को चूर करने लगी

अब ज़िन्दगी

स्मार्ट फोन की दुनिया मे खोने 

लगी जिंदगी

क्या बड़े क्या बच्चे सबको

लगी लत अब ज़िंदगी,


हर दिन बच्चों के भविष्य को

बिगाड़ने लगी ज़िन्दगी,

फोन के बाहर भी एक दुनिया

है, सुनों देखों तुम दुनिया,


स्मार्ट फोन छोड़कर सभी

खुलकर जीना सीखो,

बाहर की दुनिया मे ही बसी

तुम्हारी अपनी ज़िंदगी।


दुनियाभर में आजकल

ये कैसी लगी लत है,

स्मार्ट फोन के चक्कर मे

भूल रहें हों तुम जीना


स्मार्ट फोन से बाहर 

निकलो अब तुम,

एक अलग दुनिया 

मे आओ,

अपनी पहचान बनाओ,


बुलंदियों को छूने का

अहसास मिलेगा,

बदलती हर जिंदगी का

आगाज़ मिलेगा।


आज़ाद हों जाओगे 

स्मार्ट फोन से जब तुम 

अपनी ज़िंदगी जब

ख़ुद सँवारना सीख जाओगे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational