STORYMIRROR

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

Inspirational

4  

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

Inspirational

लक्ष्य

लक्ष्य

1 min
267


तम भरी रातों में 

जब कुछ न दिखाई दे । 

हृदय में एक ज्योति जलाओ 

करके ईश्वर पर विश्वास 

आगे बढ़ जाओ।


अंतरतम में उजियाला होगा 

लक्ष्य सधेगा, मंजिल मिलेगी।

विघ्न सारे मिटेंगे 

बुझी हुईं बातीं 

दीप बन जल उठेंगी। 


अधूरा यज्ञ होगा पूर्ण

आहुतियां होंगी सार्थक।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational