STORYMIRROR

Nir Delhi

Inspirational

3  

Nir Delhi

Inspirational

निकम्मा

निकम्मा

1 min
0

निर इतना निकम्मा हो गया

 जिस स्कूल काॅलेज से उसे विद्या मिली

 उसे बूरा बोल रहा है पर अपने निकम्मेपन 

कि बाते छुपा कर सीना तान खाड़ा है 

और बोल रहा है मुझे इन दो 

ने बर्बाद किया और फैला रहा है भ्रम 

उसके मन में जो पढ़ा और नौकरी करने लगा । 

 - निर देहली


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational