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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

नीयत

नीयत

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जिसकी नीयत साफ होती है

उसकी जिंदगी लाजवाब होती है,

जिसकी नीयत खराब होती है

उसकी नहीं कोई सुबह,

न ही कोई शाम होती है,

जिसका मन गन्दा होता है

वो सदा ही नंगा होता है,

जिसकी बदनीयत होती है

उसकी सदा ही रात होती है,

साफ नीयत वालों की ही,साखी

सदा दीपक से मुलाकात होती है,

ख़ुदा बिना इबादत मिल जाता है

जिनकी नियत बेदाग़ होती है,

उन लोगों से तू जरूर बच जाना

चाहे सांप के तू नज़दीक चले जाना,

जिनकी नीयत में ज़रा सा भी खोट है

उनकी जात सांप से भी खराब होती है,

साफ़ नियत रख,

जरूर चलेगा तेरा लक,

साफ़ नियत पर चलने से ही,

जिंदगी फूलों की बारात होती है।



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