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Devendraa Kumar mishra

Inspirational

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Devendraa Kumar mishra

Inspirational

निभा सको तो

निभा सको तो

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तेरे मेरे मध्य एक नाजुक डोर 

टूटेगी तो गांठ पड़ेगी, संभलना 

रिश्ते बनाना सरल 

पर निभाना कठिन 

डोर टूटी, पतंग कटी, दोनों खाली 

बहुत नाजुक होते हैं रिश्ते 

खींचतान जरा भी हुईं फिर टूटी डोरी 

फिर जोड़ फिर गांठ, फिर गठजोड़ मुश्किल 

बनाओ मत, बनाओ तो निभाओ, पूरी क्षमता से 

लापरवाही, जोर आजमाइश या मध्य में छोड़ना 

मन भी टूटा और सब लगा झूठा 

आसान नहीं है दो जीवन एक होना 

न शिकवा न गिला

और क्या मिला क्या न मिला 

ये सब छोड़, क्या दिया, क्या किया 

बस यही है प्रेम की रीत 

निभाओ अगर निभा सको तो 



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