नेताजी सुभाष का बलिदान
नेताजी सुभाष का बलिदान
आजाद हिन्द फौज के नायक को शत-शत प्रणाम,
आज भी इतिहास में मृत्यु है उनकी गुमनाम।
ज़ुल्म नहीं सह सके कसी शत्रुओं की लगाम,
वतन की खातिर दूर गया ऐसा वीर सतनाम।।
पढ़ाई कर अफसरी छोड़ी, दिशा देशभक्ति में मोड़ी।
मोहताज रहे कौड़ी-कौड़ी,जिद अपनी नहीं थी छोड़ी।।
कहाँ है नहीं जानता,मैं तो बस उन्हें मानता।
आजादी की जिद ठानता,वीरों को फौलाद मानता।।
नहीं भूलेगा देश सुभाषचन्द्र का बलिदान,
जिसने देश की खातिर दिया जीवन दान।
देशवासी नहीं थकते करके उनका गुणगान,
फिर सुभाष आओ तुम दे जाओ अभय वरदान।।
