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अच्युतं केशवं

Abstract

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अच्युतं केशवं

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नौका मनु की ले चले

नौका मनु की ले चले

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नौका मनु की ले चले, प्रलय बाढ़ के पार

वही करेंगे रे मनुज, विपदा से उद्धार।


विपदा से उद्धार, चित्त मत चिंता धरिये

करुणा के आगार, प्रभु का सुमिरन करिये।


खोले बैठे देव, दयामय कृपा झरोखा

वे ही हैं पतवार, वही नाविक वह नौका।


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