STORYMIRROR

Vivek Madhukar

Abstract Romance Others

2  

Vivek Madhukar

Abstract Romance Others

नारी

नारी

1 min
179

चाहा जानना उसकी चपलता को

          उसकी गंभीरता को

          उसकी स्थिरता को

चाहा जानना उसकी सुन्दरता को

          उसकी सुघड़ता को

        उसकी कमनीयता को

यूँ चाहा था समझना

     नारी की सहज प्रकृति को

पर सचमुच क्या कभी

  समझ पाऊँगा

 ईश्वर की इस अद्भुत कृति को ?


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract